Kya jaane .. kyun ?
Its about me, मैं and myself
16 February 2026
कारीगरी इस दिल की
15 February 2026
तुम सांझ मेरी रातों के
तुम सांझ मेरी रातों के
दिन के सवेरे
जाने क्यों ये लगता है
बिन फेरे हम तेरे
न तो तेरी ख्वाहिश ही
न है ख़्वाब तेरा
जाने क्यों अधूरा है
इंतज़ार मेरा
आँखे भी तो तकती है
राहें तेरी ऐसे
बिछ जाएंगी राहों में
ताउम्र भर ये जैसे
नींदों में भी तेरी ही
यादों ने डालें डेरे
जाने क्यों ये लगता है
बिन फेरे हम तेरे
फ़र्श पे मेरा घर है
अर्श पे है तेरा
जीना नहीं कोई
बस चुप सा इक अंधेरा
साँसें फिर भी तकती है
राहें तेरी ऐसे
साँसों में समाएंगी
साँस साँस जैसे
धड़कनों ने बांधे है
धड़कनों के घेरे
जाने क्यों ये लगता है
बिन फेरे हम तेरे
तुम सांझ मेरी रातों के
दिन के सवेरे
जाने क्यों ये लगता है
बिन फेरे हम तेरे
10 February 2026
इस रिश्ते की बात अलग है
मेरा तुझसे
तेरा मुझसे
इस रिश्ते की बात अलग है
कितना मैंने
तुमको जाना
जितना जाना
अपना माना
वो जो मुझसे
जुड़ के जुड़ा है
उस हिस्से की बात अलग है
कब सोचा कि
तुमको पा लूँ
कब चाहा तुमको
मैं मना लूं
चाहे मैं
छोटा सा किस्सा
इस किस्से बात अलग है
धड़कन कब से
बोल रही है
आँखे कुछ कुछ
तोल रही है
होंठों ने होंठो पे लिक्खा
उस लिक्खे की बात अलग है
हिज्र के तो है
ढाई आखर
वस्ल में भी
है ढाई अक्षर
हिज्र वस्ल है इश्क़ के हिज्जे
हर हिज्जे की बात अलग है
31 January 2026
परिवार कीमती पूंजी
श्रीमती बोली
अजी सुनते हो
मिश्राइन के घर से
न्योता आया है
टिन्नी के जन्मदिन पे
सपरिवार बुलवाया है
श्रीमान बोले
है बच्चे का जन्मदिन
बेबो गुनगुन यशु को
भिजवा दीजे
सौ पचास में
मामला सुलटा लीजे
क्या कहते हो !!
श्रीमती दहाड़ी
दिखाएंगे फिर किसको
अपनी महंगी
बनारसी वो साड़ी !
नेकलेस जो सोने का
मां ने भिजवाया है
खास इसी दिन के लिए तो
मंगवाया है
ले louis vitton का बटुआ
लगा rayban का चश्मा
छिड़क gucci का परफ्यूम
पहन रोलेक्स की घड़ी
पहन बनारसी
लाल पीली वो साड़ी
इतराएंगी हम
निहारेंगी हमको फिर
वूमेनवा निगोड़ी सारी
मिसेज दुबे भी तो
बड़ी इठलाएंगी
गाउन पहिन
जबरन शर्माएंगी!
शर्माइन की तो है
अलग ही माया है
सोचती है रूप उनका सा
न किसी ने पाया
मिसेज झा जो है
पाउडर का डिब्बा
बात करो तो अब्बा
डब्बा छब्बा
कहती हमे वो
सुनिए संध्या जी
कहने को हम है
एक उम्र है जी
आप तो हो
छोटी और मोटी
खाई थी बोलों
किस आटे की रोटी!!
सोसाइटी की महिलाएं
हर वक्त भरती दम है
सुनिए संध्या जी
चारों तरफ बस
हम ही हम है
बस आप ही एक है
जो पानी कम है !!
किस किस की बाते
अब तुमको बताए
कब कब और कितने
कैसे कैसे ज़ख्म है खाए
पहले हमको तुम
सेट डायमंड का बनवा दो
जौहरी से कह के
मूंगा मोती के सेट
भिजवा दो
दो कांजी सिल्क साड़ी
एक पटोला
एक पोचम पल्ली
मंगवा दो
तीन सैंडल
दो नई पश्मीना शॉलें
दिलवा दो
सुनो श्रीमान जी
ये सब दिलाओ
घर में अपने
तब ही प्रवेश पाओ
श्रीमान ये सुन
बस जड़वत से हो गए
उनके होश फाख्ता
कौवे तोते उड़ गए
" हे राम जी
हम तो लुट गए "
जहां खड़े थे
वहीं वो पड़ गए
फिर तो उनका
बीपी भी गिर गया
बदन टेढ़ा हुआ और
शुगर भी बढ़ गया
सांसे तो धौकनी सी
तेज हो गई
देख श्रीमान की हालत
श्रीमती भी
पसीने से लबरेज़ हो गई
फिर बवाल मच गया
अफरा तफ़री हो गई
श्रीमान जी को फ़िर
एम्बुलेंस ही ले गई
आईसीयू में
ही फिर खाट लग गई
क्या बताए फिर कैसे
बीते चार दिन वो
जीना दुश्वार हो गया
पैसा पानी सा बह गया
श्रीमान जी के दिल में
एक स्टेंट भी लग गया
अब तो सांस सांस पे
बस टैक्स लग गया
epilogue
उपसंहार:
श्रीमती जी बोली
हमें माफ कीजिए
दिल साफ़ कीजिए
दिखावे के चक्कर में
हम बेसबब ही आ गए
जान आपकी
दांव पे लगा गए
अब से हमने सीख ले ली
परिवार ही है
सबसे कीमती पूंजी
, पति जी तुम्हीं जीवन का सार
श्रीमती बोली
अजी सुनते हो
मिश्राइन के घर से
न्योता आया है
टिन्नी के जन्मदिन पे
सपरिवार बुलवाया है
श्रीमान बोले
है बच्चे का जन्मदिन
चुन्नू मुन्नू को
भिजवा दीजे
सौ पचास में
मामला सुलटा लीजे
क्या कहते हो !!
श्रीमती दहाड़ी
दिखाएंगे फिर किसको
अपनी महंगी
बनारसी वो साड़ी !
नेकलेस जो सोने का
मां ने भिजवाया है
खास इसी दिन के लिए तो
मंगवाया है
ले louis vitton का बटुआ
लगा rayban का चश्मा
छिड़क gucci का परफ्यूम
पहन रोलेक्स की घड़ी
पहन बनारसी
लाल पीली वो साड़ी
इतराएंगी हम
निहारेंगी हमको फिर
वूमेनवा निगोड़ी सारी
मिसेज दुबे भी तो
बड़ी इठलाएंगी
गाउन पहिन
जबरन शर्माएंगी!
शर्माइन की तो है
अलग ही माया है
सोचती है रूप उनका सा
न किसी ने पाया
मिसेज झा जो है
पाउडर का डिब्बा
बात करो तो अब्बा
डब्बा छब्बा
कहती हमे वो
सुनिए संध्या जी
कहने को हम है
एक उम्र है जी
आप तो हो
छोटी और मोटी
खाई थी बोलों
किस आटे की रोटी!!
सोसाइटी की महिलाएं
हर वक्त भरती दम है
सुनिए संध्या जी
चारों तरफ बस
हम ही हम है
बस आप ही एक है
जो पानी कम है !!
किस किस की बाते
अब तुमको बताए
कब कब और कितने
कैसे कैसे ज़ख्म है खाए
पहले हमको तुम
सेट डायमंड का बनवा दो
जौहरी से कह के
मूंगा मोती के सेट
भिजवा दो
दो कांजी सिल्क साड़ी
एक पटोला
एक पोचम पल्ली
मंगवा दो
तीन सैंडल
दो नई पश्मीना शॉलें
दिलवा दो
सुनो श्रीमान जी
ये सब दिलाओ
घर में अपने
तब ही प्रवेश पाओ
श्रीमान ये सुन
बस जड़ से हो गए
उनके होश फाख्ता
कौवे तोते उड़ गए
ऐसे तो हम लुट जाएंगे
ये एक था बर्थडे
अभी कितने आयेंगे
क्या हर बार ऐसी
फरमाइश होगी
जेब की अपनी
आजमाइश होगी
कह देते है
जो मिला है उससे
करो निबाह
वरना हम कर लेंगे
दूसरा ब्याह
श्रीमती बोली
अजी जाने दीजे
हम को ये सब
नहीं चाहिए चीजें
आप हमारे
रूप श्रृंगार
आप ही से है
जीवन का सार
29 January 2026
वो रिश्ता
क्या तुम कभी
मुझे पढ़ते हो
शब्द मेरे मुझ से ही
छोटे छोटे
भारी भरकम
गोल मटोल
मगर कहीं कहीं खुरदुरे
कहीं रुखे
कहीं कहीं नुकीले से है
चुभ जाते है कई बार
अनजाने में अनचाहे से
कभी तो
मामूली खरोचें लग आती है
तो कभी
थोड़ी सी चोट लग आती है
मगर इस बार शायद
नश्तर ही चुभ गया था
घाव ज्यादा ही रिस गया था
कोमा में ही चला गया वो रिश्ता
आज भी परे हूं
समझने से
कि ये रिश्ता जिंदा है भी
या मर गया बरसो पहले
और ढो रही हूं मैं
एक मरघट
अपने कांधे पे
कि बस
मुखाग्नि ही देनी है
इस मरे हुए रिश्ते को
पर जाने क्यों
कभी रुक रुक
नब्ज़ टटोलती हूं
ये जानते हुए कि
वो मर चुका है
पर उसका क्या करूं
जो मुझमें जिंदा है अभी !!


