तुम नेमत हो . तुम हो नज़राना
तुम मंजिल हो तुम हो ठिकाना
जाने जाँ .. जाने जाँ
तेरे ख्याल तो जूही है
मोगरा है कस्तूरी है
जेहन में जब आते है
रोम रोम महकाते है
सांस सांस ये संदल संदल कर दे
नयन नयन ये चंचल चंचल कर दे
तुझको सोचूं
तुझसे मिलने का
हर दिन हर पल ढूंढूं बहाना
जाने जाँ .. जाने जाँ
ख़्वाब तुम्हारे सिंदूरी है
दिल में रहने की मंजूरी है
जब आंखों में आते है
शामों सहर रंग जाते है
रंग में पिया फ़िर हमको ...रंग दे
होंठो पे मेरे होंठों को धर दे
तुझको चाहूं
हां प्यार किया
इस प्यार को अब ताउम्र निभाना
जाने जां..जाने जां






