31 January 2026

परिवार कीमती पूंजी

 श्रीमती  बोली 

अजी  सुनते हो 

मिश्राइन के घर से 

न्योता आया है 

टिन्नी के जन्मदिन पे 

सपरिवार बुलवाया है 


श्रीमान बोले 

है बच्चे का जन्मदिन 

बेबो गुनगुन यशु को 

भिजवा दीजे 

सौ पचास में  

मामला सुलटा लीजे


क्या कहते हो !!

श्रीमती दहाड़ी 

दिखाएंगे फिर किसको 

अपनी महंगी 

बनारसी वो साड़ी !


नेकलेस जो सोने का 

 मां ने  भिजवाया है 

 खास इसी दिन के लिए  तो 

 मंगवाया है 


ले louis vitton का बटुआ 

लगा rayban का चश्मा 

छिड़क gucci का परफ्यूम 

पहन रोलेक्स की घड़ी 

पहन बनारसी 

लाल पीली वो साड़ी 

इतराएंगी हम 

निहारेंगी हमको फिर 

वूमेनवा  निगोड़ी  सारी 


मिसेज दुबे भी तो 

बड़ी इठलाएंगी 

गाउन पहिन 

जबरन  शर्माएंगी!

शर्माइन की तो है

अलग ही माया है  

सोचती है रूप उनका सा 

न किसी ने पाया 


मिसेज झा जो है 

पाउडर का डिब्बा 

बात करो तो  अब्बा 

डब्बा छब्बा 

कहती  हमे वो 

सुनिए संध्या जी 

कहने को हम है 

 एक उम्र है जी

आप तो हो 

छोटी और मोटी 

खाई थी बोलों

किस आटे की रोटी!!


सोसाइटी की महिलाएं

हर वक्त  भरती दम है 

सुनिए संध्या जी  

चारों तरफ बस

हम ही हम है 

बस  आप ही एक है 

 जो पानी कम है !!


 

किस किस की बाते 

अब तुमको  बताए 

कब कब और कितने 

कैसे कैसे ज़ख्म  है खाए 


पहले हमको तुम 

सेट डायमंड का बनवा  दो

जौहरी से कह के  

मूंगा मोती के   सेट 

भिजवा दो

दो कांजी सिल्क साड़ी 

एक पटोला 

एक पोचम पल्ली 

मंगवा दो 

 तीन  सैंडल 

दो नई  पश्मीना  शॉलें 

दिलवा दो



सुनो श्रीमान जी 

ये सब दिलाओ 

घर में अपने 

तब ही प्रवेश पाओ 



श्रीमान ये सुन 

बस जड़वत से हो गए 

उनके होश फाख्ता 

कौवे तोते उड़ गए 

" हे राम जी 

 हम तो लुट  गए "

जहां खड़े थे 

वहीं वो पड़ गए 

फिर  तो उनका 

बीपी भी  गिर गया 

बदन टेढ़ा हुआ और  

शुगर भी बढ़ गया 

सांसे  तो धौकनी  सी 

तेज हो गई 

देख  श्रीमान की हालत 

श्रीमती भी 

पसीने से  लबरेज़ हो गई


फिर बवाल मच  गया

अफरा तफ़री हो गई

श्रीमान  जी को फ़िर 

एम्बुलेंस  ही  ले गई 

आईसीयू में 

ही फिर खाट लग गई 


क्या बताए  फिर कैसे 

बीते  चार दिन वो 


जीना दुश्वार हो गया 

पैसा पानी सा बह गया 

श्रीमान जी के दिल में 

एक स्टेंट भी लग गया 

अब तो सांस सांस पे 

बस टैक्स लग गया 




epilogue 

उपसंहार:



श्रीमती जी बोली 

हमें माफ कीजिए 

दिल साफ़ कीजिए 

दिखावे के चक्कर में 

हम बेसबब ही आ गए

जान आपकी 

दांव पे लगा गए 

अब से हमने सीख ले ली 

परिवार ही है 

सबसे कीमती पूंजी 













, पति जी तुम्हीं जीवन का सार

 श्रीमती  बोली 

अजी  सुनते हो 

मिश्राइन के घर से 

न्योता आया है 

टिन्नी के जन्मदिन पे 

सपरिवार बुलवाया है 


श्रीमान बोले 

है बच्चे का जन्मदिन 

चुन्नू मुन्नू को 

भिजवा दीजे 

सौ पचास में  

मामला सुलटा लीजे


क्या कहते हो !!

श्रीमती दहाड़ी 

दिखाएंगे फिर किसको 

अपनी महंगी 

बनारसी वो साड़ी !


नेकलेस जो सोने का 

 मां ने  भिजवाया है 

 खास इसी दिन के लिए  तो 

 मंगवाया है 


ले louis vitton का बटुआ 

लगा rayban का चश्मा 

छिड़क gucci का परफ्यूम 

पहन रोलेक्स की घड़ी 

पहन बनारसी 

लाल पीली वो साड़ी 

इतराएंगी हम 

निहारेंगी हमको फिर 

वूमेनवा  निगोड़ी  सारी 


मिसेज दुबे भी तो 

बड़ी इठलाएंगी 

गाउन पहिन 

जबरन  शर्माएंगी!

शर्माइन की तो है

अलग ही माया है  

सोचती है रूप उनका सा 

न किसी ने पाया 


मिसेज झा जो है 

पाउडर का डिब्बा 

बात करो तो  अब्बा 

डब्बा छब्बा 

कहती  हमे वो 

सुनिए संध्या जी 

कहने को हम है 

 एक उम्र है जी

आप तो हो 

छोटी और मोटी 

खाई थी बोलों

किस आटे की रोटी!!


सोसाइटी की महिलाएं

हर वक्त  भरती दम है 

सुनिए संध्या जी  

चारों तरफ बस

हम ही हम है 

बस  आप ही एक है 

 जो पानी कम है !!


 

किस किस की बाते 

अब तुमको  बताए 

कब कब और कितने 

कैसे कैसे ज़ख्म  है खाए 


पहले हमको तुम 

सेट डायमंड का बनवा  दो

जौहरी से कह के  

मूंगा मोती के   सेट 

भिजवा दो

दो कांजी सिल्क साड़ी 

एक पटोला 

एक पोचम पल्ली 

मंगवा दो 

 तीन  सैंडल 

दो नई  पश्मीना  शॉलें 

दिलवा दो



सुनो श्रीमान जी 

ये सब दिलाओ 

घर में अपने 

तब ही प्रवेश पाओ 



श्रीमान ये सुन 

बस जड़ से हो गए 

उनके होश फाख्ता 

कौवे तोते उड़ गए 

ऐसे तो हम लुट जाएंगे 

ये एक था बर्थडे 

अभी कितने आयेंगे 

क्या हर बार ऐसी 

फरमाइश होगी 

जेब की अपनी 

आजमाइश होगी 

कह देते है 

जो मिला है उससे 

करो निबाह 

वरना हम कर लेंगे 

दूसरा ब्याह 


श्रीमती बोली 

अजी जाने दीजे 

हम को ये सब 

नहीं चाहिए चीजें 

आप हमारे 

रूप श्रृंगार 

आप ही से है 

जीवन का सार

29 January 2026

वो रिश्ता

 क्या तुम कभी 

मुझे पढ़ते हो 

शब्द मेरे मुझ से ही 

छोटे छोटे  

भारी भरकम 

गोल मटोल 

मगर कहीं कहीं खुरदुरे

कहीं रुखे 

कहीं  कहीं नुकीले से है 

चुभ जाते है कई बार 

अनजाने  में अनचाहे से


कभी तो 

मामूली खरोचें लग आती है

तो कभी 

थोड़ी सी चोट लग आती है

मगर इस बार शायद 

नश्तर ही चुभ गया था

घाव ज्यादा ही रिस गया था 

कोमा में ही चला गया वो रिश्ता 

आज भी परे हूं 

समझने से 

कि ये रिश्ता जिंदा है भी 

या मर गया बरसो पहले


और ढो रही हूं मैं 

एक मरघट 

अपने कांधे पे 

कि बस 

मुखाग्नि ही देनी है 

इस मरे हुए रिश्ते को 


पर जाने क्यों 

कभी रुक रुक 

नब्ज़ टटोलती हूं 

ये जानते हुए कि 

वो मर चुका है 

पर उसका क्या करूं 

जो मुझमें जिंदा है अभी !!

26 January 2026

भाई तुम खुशियों का खजाना

भाई तुम  खुशियों का खजाना 

आंखों का तारा तुम

खुली आंखों से तुमको देखें 

बंद आंखों में तुम


तुम नन्हे से हम बड़ों की दुनिया में जब आए 

प्यारा प्यारा चेहरा तुम्हारा नन्ही नन्ही बाहें 

तुतलाते हम सब को बुलाते दीदी भैया सुन 

हर अल्फ़ाज़ तुम्हारा हमको

लगे ज्यों मीठी धुन  

 ठुमक के  चलते तो बजते 

घुंघरू रूम  झूम रुम झुम 

तुम ही सबके प्राण समाना 

नैनो  का तारा तुम 

 

 नटखट बाल गोपाल सरीखे कान्हा के तुम साए 

बचपन बीत गया  यौवन  ने  अपने पर फैलाए  

कब दिन बीते रैना बीती पंख लगा पलछिन 

प्यार का तुम तो नाम हो दूजा 

सब है तुममें गुण 

पढ़े लिख के  तुम जज हो गए

ये था एक शगुन 

दूध में मिश्री जैसे  घुलती 

  वो  मिश्री हो  तुम 


हम भाई  बहन के लाड़ले, बच्चों के हमसाएं 

प्यार करो सभी से  तुम   हर कोई तुमको चाहे 

आज सफलता के नभ के  तुम ही हो अरुण 

न्याय को तुमने राह दिखाई 

सदा किया  बस पुण्य 

गाओ न तुम भी हम संग मिल के 

रहो न यूं  गुमसुम 

आओ हम तुम नाचे गाए 

ख्वाबों को ले हम बुन 


लिवा पिता के घर से भाभी को भैया घर जब लाए 

 प्रेम बढ़ा दोनों में ज्यों   चंदा को चातक चाहे 

भाभी तुम कितनी प्यारी तुम सर्व गुण संपन्न 

सब पे इतना स्नेह लुटाया 

महका घर आंगन 

भाभी हम एक  बात कहे 

गर कहा जो मानो तुम 

भैया खातिर  बना जो कोई 

तो वो हो सिर्फ तुम 

तो वो हो सिर्फ तुम 

तो वो हो सिर्फ तुम


तुमदोनों खुशियों का खजाना 

आंखों में बसे हो तुम


बंद आंखों में तुम





22 January 2026

बीवी मिली न प्यार

 आओ किस्सा तुम्हे सुनाए 

recent सा है यार 

साठ साल की उमर में हो गया 

ऑनलाइन मुझे प्यार 


ऑनलाइन मुझे प्यार 

मिले वो टिंडर पे थे यार

प्रोफाइल देखकर रीझ गया दिल 

हुआ  पहली नज़र में प्यार 


पहली नज़र में प्यार 

वो थी रूप का  भंडार 

 कमसिन  लचीली 

नाक नुकीली 

अदाएं  तेज तलवार 


अदाएं    तेज तलवार 

 सुरीली सुंदर सी वो  नार 

होंठ रसीले नैन नशीले

कि चढ़ गया मुझपे उसका   खुमार 

जितना देखूं उतना सोचूं 

सोचूं  मैं बार बार 


सोचूं  मैं बार बार 

रगो में बहने लगी वो यार

धड़कन धक धक ऐसे बोले 

ज्यों  बजने लगा सितार 

मदहोश हुआ मदमस्त हुआ 

कि अब जीना है दिन और चार


जीना है दिन और  चार 

कि प्रेम ही जीवन का है सार 

प्रेम चलूं मैं प्रेम पढूं मैं 

बहे अब प्रेम सुधा की धार 

कॉल करूं उसे  रात रात भर

फ़ोटो को रहूं निहार


फोटो  को रहूं निहार 

बीवी को  भनक लगी इतवार 

झगड़े हुए  फिर बड़े बड़े 

और खूब हुई  तकरार 

 लुट गया  मेरा था जो

सुखी सा वो संसार 


सुखी सा वो संसार 

सभी  से खूब हुई फिर रार 

हम बोले तुम ही बताओ 

क्या तुमको  है इनकार 

बड़ी उमर के अमिताभ ने

 किया  था जिया खान से प्यार 


जिया खान से प्यार 

तब्बू को  दिल बैठे थे हार

चीनी कम  थी चाय में उनकी

और थे दिल से वो लाचार

नीरस से  मेरे जीवन में  

आई  अब  है बहार 


जब  आई ये बहार 

घमासान हुआ एक वर्ल्डवार 

प्यार की शक्ति से पर हमने 

झेल लिए सब वार 

ठाना की पहनाएंगे 

अब  जयमाला  का  हार


जयमाला का हार 

 तो ठुकराया सारा  संसार 

कद काठी से  

हम क्या कम थे 

भले थे बाल हमारे चार 


बाल हमारे चार 

उन्हीं बालों को फिर  संवार 

निकले ढूंढने हम तो  अपनी

षोडशी कमसिन  सी वो नार 

मंदिर में उनको  बुलवाया 

लिए चले हम संग अपने 

जिगरी से  कुछ यार 


संग थे अपने  यार 

हुआ फिर प्रियतम का  दीदार 

ये वो नहीं थी  जिसको अपना 

हम दिल बैठे थे हार

कोई बासठ की बुढ़िया  थी ।

आफत की जैसे पुड़िया थी 

थी  इसकी नहीं दरकार 

खुद को संभाला पर दिल मेरा  

रोया जार जार 


दिल रोया जार जार 

कि थी चेहरे पे झुर्री  हजार 

झुकी हुई  सी कमर थी उसकी

थे दांत सभी बेकार 

चार अधेड़ से बच्चे उसके

बच्चों के बच्चे  चार


बच्चे जो थे चार

एक लदा कंधे पे  बाहें डार 

टूटी कमरिया मेरी क्योंकि 

उसका तीस किलो था भार 

कूद कूद के सब बच्चों ने 

बिगाड़ दी नई सी  मेरी कार 


नई नई वो कार 

बैठ हमने पकड़ी रफ्तार 

जान बची और लाखों पाए

घर के  बुद्धू  घर को आए 

अपना सब कुछ हार 


अपना सब कुछ  हार 

कोसू किस्मत को हर बार

ऑनलाइन के चक्कर में

न बीवी मिली न प्यार

न बीवी मिली न प्यार