भाई तुम खुशियों का खजाना
आंखों का तारा तुम
खुली आंखों से तुमको देखें
बंद आंखों में तुम
तुम नन्हे से हम बड़ों की दुनिया में जब आए
प्यारा प्यारा चेहरा तुम्हारा नन्ही नन्ही बाहें
तुतलाते हम सब को बुलाते दीदी भैया सुन
हर अल्फ़ाज़ तुम्हारा हमको
लगे ज्यों मीठी धुन
ठुमक के चलते तो बजते
घुंघरू रूम झूम रुम झुम
तुम ही सबके प्राण समाना
नैनो का तारा तुम
नटखट बाल गोपाल सरीखे कान्हा के तुम साए
बचपन बीत गया यौवन ने अपने पर फैलाए
कब दिन बीते रैना बीती पंख लगा पलछिन
प्यार का तुम तो नाम हो दूजा
सब है तुममें गुण
पढ़े लिख के तुम जज हो गए
ये था एक शगुन
दूध में मिश्री जैसे घुलती
वो मिश्री हो तुम
हम भाई बहन के लाड़ले, बच्चों के हमसाएं
प्यार करो सभी से तुम हर कोई तुमको चाहे
आज सफलता के नभ के तुम ही हो अरुण
न्याय को तुमने राह दिखाई
सदा किया बस पुण्य
गाओ न तुम भी हम संग मिल के
रहो न यूं गुमसुम
आओ हम तुम नाचे गाए
ख्वाबों को ले हम बुन
लिवा पिता के घर से भाभी को भैया घर जब लाए
प्रेम बढ़ा दोनों में ज्यों चंदा को चातक चाहे
भाभी तुम कितनी प्यारी तुम सर्व गुण संपन्न
सब पे इतना स्नेह लुटाया
महका घर आंगन
भाभी हम एक बात कहे
गर कहा जो मानो तुम
भैया खातिर बना जो कोई
तो वो हो सिर्फ तुम
तो वो हो सिर्फ तुम
तो वो हो सिर्फ तुम
तुमदोनों खुशियों का खजाना
आंखों में बसे हो तुम
बंद आंखों में तुम