बेकरार है...
ये दिल क्यों ..
बेकरार है...
कि तेरा इंतज़ार है
कि तेरा ही ख़ुमार है ...
दिल मेरा बस में अब नहीं
कि हुआ उसे तुमसे प्यार है
उसे बस तुमसे प्यार है
प्यार है
प्यार है,....
हवाओं के पर लिये फिरूँ
मैं तो अम्बर पे अब चलूँ
चांद की चाँदनी मैं लिए
तारों सा झिलमिल करूँ
रातें दिन हो गई
हर पल छिन हो गई
कि मैं अब मैं हूँ नहीं
तुझमें हूँ खो गई
हाँ.... करार है
मुझको ऐतबार है
दिल में तू ही तू है बसा
दिल ये तेरा बीमार है
मुझे बस तुझसे प्यार है
प्यार है
प्यार है
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