29 May 2026

तुझको पाने की है ख्वाहिश

 



 

तुझको पाने की 

है ख्वाइश 

ख्वाबों से है 

गुजारिश

मेरे सपनों में  बसा हो 

तू ही तू 

तू ही दिल की...

धड़कनो की ...

है आरज़ू....


नुक्कड़ पे चाय पीते 

सिगरेट के कश लगाते 

धीमे धीमे मुस्कुराते 

गलियों में  देखा तुझको 

मैंने तो आते जाते 

इक पल को यूँ लगा था

जिसको सपनों में था देखा 

वो सलोना सा सजन था 

तू ही तू ...

इस दिल की तू है 

जुस्तजू 

तू ही धड़कन 

तू दिल की आरजू


अब तो दिन हो चाहे रातें 

सब करते है तेरी बातें 

तुझे गाते गुनगुनाते 

ये खिड़की ये अहाते 

फूलों से पत्तियों से 

हर शय से तेरे नाते 

देखूँ जब जब चांद तारे 

कहते है अब  वो सारे

मेरी धरती का गगन है 

तू ही तू 

इक दफ़ा सुन ले 

दिल की गुफ्तगू 

तू ही धड़कन 

तू दिल की आरजू 



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