11 April 2026

ख्वाहिश हूं मैं तेरी




 ख्वाहिश हूं  मैं तेरी 

मैं तेरा ख़्वाब हूं 

धड़कन हूं मैं तेरी 

तेरी हर साँस हूं 



मांगा है मुझको 

तूने मदन से .

आई हूं मैं तो 

नील गगन से.

 रागिनी जैसे प्रेम हुआ  है

मैं प्रीत की इक राग हूं 


ख्वाहिश हूं मैं  तेरी 

मैं तेरा ख़्वाब हूं




लिखा है मुझको

तूने बदन पे 

होंठों से अपने 

बड़े जतन से 

संदल की धूप  हुआ  तू 

मैं जलती हुई आग हूं 

ख्वाहिश हूं मैं  तेरी 

मैं तेरा ख़्वाब हूं


ख्वाहिश हूं मैं  तेरी 

मैं तेरा ख़्वाब हूं 

धड़कन हूं मैं तेरी 

तेरी हर साँस हूं













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