ख्वाहिश हूं मैं तेरी
मैं तेरा ख़्वाब हूं
धड़कन हूं मैं तेरी
तेरी हर साँस हूं
मांगा है मुझको
तूने मदन से .
आई हूं मैं तो
नील गगन से.
रागिनी जैसे प्रेम हुआ है
मैं प्रीत की इक राग हूं
ख्वाहिश हूं मैं तेरी
मैं तेरा ख़्वाब हूं
लिखा है मुझको
तूने बदन पे
होंठों से अपने
बड़े जतन से
संदल की धूप हुआ तू
मैं जलती हुई आग हूं
ख्वाहिश हूं मैं तेरी
मैं तेरा ख़्वाब हूं
ख्वाहिश हूं मैं तेरी
मैं तेरा ख़्वाब हूं
धड़कन हूं मैं तेरी
तेरी हर साँस हूं

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