इस तरह न कीजिए
यूं इन्तहा न लीजिए
दिल है ...दिल की बातें ....
दिल पे न लिजिए
ऐसा कोई तो
सफ़र भी क्या
तनहा वो राहें जिनपे
कोई न चला
साथी हुआ न जिनका
या साथी न मिला
बददुआ ऐसी किसी को न दीजिए
भंवरा कोई तो ऐसा
बावरा है क्या
फूलों से जिसका न हो
कोई वास्ता
गुनगुनाया नही
या शोख न हुआ
माली ऐसे बाग का हम को न कीजिए

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