16 April 2026

तुम नेमत तुम नजराना

 



तुम नेमत हो ..

हो नज़राना 

मंजिल मेरी 

तुम मेरा ठिकाना

मेरी मानो...  मानो न 

तुम ये जानो...  जानो न 



तेरे ख्याल  

तो जूही है 

है मोगरा 

कस्तूरी है 

जेहन में मेरे 

जब  आते है

मेरा रोम रोम 

महकाते है 

तुम कह दो  ये सच है न

तुम पे मेरा हक़ है न 

बोलो बोलो 

बोलो न ...बोलो न 



ख़्वाब तुम्हारे 

सिंदूरी है 

इन बिन रातें 

अधूरी है 

ये जब आंखों में आते है

शामों सहर रंग जाते है 

रंग जाओ इनको 

रंग भर दो 

सपनों का मेरा 

वो घर दो न

जाने जां..जाने जां 


मेरी मानो...  मानो न 

तुम ये जानो...  जानो न


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