23 March 2026

जुबां ये फीकी फीकी लागे

 



जुबां  ये फीकी फीकी लागे 

तेरे नाम के बिना 

मुझे कुछ सूझे न बूझे न 

तेरे नाम के बिना 


तेरा नाम मेरी पूंजी 

मेरे रोम रोम गूँजी 

तेरी  यादें प्यारी प्यारी

मैं तो  इनमें ही रीता 

इनमें जीवन ये बीता 

इसक की लगी ये  बीमारी 

जपूं तेरा नाम नाम दिन रात 

न जीना तेरे बिना 

मुझे कुछ सूझे न बूझे न 

तेरे नाम के बिना 



तेरा नाम मेरी काया 

तू  मुझ में समाया 

चढ़ गई तेरी ही खुमारी 

तू  डोर मैं पतंग 

 हुआ मस्त मैं मलंग 

कैसी दिल की है  ऐयारी 

पुकारूं सुबह शाम तेरा नाम 

न जीना तेरे बिना 

मुझे कुछ सूझे न बूझे न 

तेरे नाम के बिना






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