15 March 2026

पुकारो मुझे




पुकारो मुझे 

कि फ़िर 

लौट आऊँ शायद

वहाँ से ,जहाँ से 

कोई आता नहीं है 


कोई साँस बाक़ी 

होगी ही शायद 

धता बता  मौत को यूँ  

ऐसे ही 

कोई आता नहीं है 


कोई ऋण 

कभी का 

कुछ बाक़ी ही होगा 

ये जीवन 

यूँ ही कोई पाता नहीं है


तुम मिले हो सफ़र में

तो वज़ह होगी कोई

वरना 

 शरीक ए सफ़र 

यूँ ही कोई होता नही है

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