11 January 2026

हम थे और क्या हो गए


फासले जाने क्यूँ हो गए 

हम थे क्या और 

क्या हो गए


कब  कहां कोई इंकार है 

प्यार तब भी था 

इश्क भी आज है 

प्यार के बस मायने खो गए 

हम थे क्या और 

क्या हो गए 


याद है मुझको  बातें सभी 

लिखी पाती जो तुझको कभी

बस ये अल्फ़ाज़ कम हो गए 

दूरियां सी वो इक बो गए


देखना तुझको इकटुक यूहींं 

चैन इक दूजे बिन था नहीं

बेकरार थे, फिर हो गए 

अब तो बेहिस से हम हो गए



है ख़बर जल रही आग है 

ज़ख्म गहरा है हरा दाग है 

थे मरहम, टीस अब हो गए

रिसता सा ज़ख्म ईक हो गए



कर लिया तय तुमने अब  यही है

कि ऐसे हम तेरे काबिल नही है 

सोचा क्या था और क्या हो गए

तन्हा हम  भीड़ में हो गए  


फासले जाने क्यूँ हो गए 

हम थे क्या और 

क्या हो गए


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