24 February 2017

कह दो न ख़्वाबों में मेरे 


कह दो न ख़्वाबों में मेरे 
will you come again ? 
कह दो ना साँसों को मेरी 
will you feel them  again ? 

दिल की फ़रमाइश हुई 
वक़्त से गुज़ारिश हुई 
लम्हो की कर दो न 
कोई साज़िश again

इश्क़ की नुमाइश हुई 
सुलगी सी ख़्वाहिश हुई 
आँखों से  छूकर दिल में 
कर आतिश again 

लम्सो   की बारिश हुई 
मय  से  पैमाईश हुई 
होंठों से होंठों की कर ले 
 आज़माइश again

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