चंचल हवा जब धम्म से गिरे ,
धड़के जिया मेरा, ज़ोर ज़ोर से
ज़ोर ज़ोर से ....
धीमे धीमे खुशबु चले,
गीले फूलो के मँड़वे तले,
महके फ़िज़ा यूहीं चहु ओर से
चहु ओर से .....
रात यूँ आँखों में सुरमा लगाये,
बैठी है पी की आस लगाये ,
ऐसा लगे तू खींच रहा हो किसी डोर से
किसी डोर से ......
प्रीत पिया तुझे जाने न दूंगी
पैर पकड़ मैं बिनती करुँगी
साँस बंधी है सांजन तेरी साँसों के छोर से
साँसों के छोर से .....
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