दिल करें ऐं वें सी बातें
दिल करें ऐं वें सी बातें
दिल ये ...
रात को दिन कहे
और दिन को ...रातें
दिल करे दिल की बातें
अरे हाँ ऐं वें सी बातें!
दिल ये पिद्दी सा है
दिल ये ज़िद्दी सा है
कभी ये रोये
ज़ार ज़ार
हँसे कभी
मार ये... ठहाके
दिल करे ऐं वें सी बातें
दिल ये ख़ुद की सुने न
इसकी तो ख़ुद से बने न
कभी तो
ऐश है दिल की
कभी है
दिल को भी फांकें
दिल करें ऐं वें सी बातें
दिल तो फक्कड़ सा है
दिल ये अक्खड़ सा हैं
कभी तो समझदार ये है
बुद्धु दिल कभी
बगले भी झांके
दिल करें ऐं वें सी बातें
दिल करे दिल की बातें
अरे हाँ ऐं वें सी बातें!

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