29 July 2026

मन करता है जतन

 



उम्म ह्म्म हूँ हूँ हूँ 

आ हा हा उम्म ह्म्म हूँ 

मन करता है जतन 

कभी भूले न सजन 

तेरी बातों में

तेरी यादों में 

तुझ में हो गई मैं  मगन 



खुशबू से जिस तरह

महके है ये चमन

धरती से मिल रहा

क्षितिज पे  ये गगन 

उन नज़ारों में

फूल तारों में

तुझ को ढूंढू मैं सजन 

मन करता है जतन 


कभी भूले न सजन 

तेरी बातों में

तेरी यादों में 

तुझ में हो गई मैं  मगन 




बर्फानी आँच में 

जलता है ये बदन

बुझ बुझ के जल रही 

कैसी सी है ये अगन 

सर्द आहों में

दिल की पनाहों में

लगी तेरी ही लगन 

कभी भूले न सजन 

तेरी बातों में

तेरी यादों में 

तुझ में हो गई मैं  मगन



उम्म ह्म्म हूँ हूँ हूँ 

आ हा हा उम्म ह्म्म हूँ



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