17 June 2026

तेरी आँखों में अब ठौर है

 तेरे दिल 

तेरी आँखों में 

अब ठौर है 

तू ही जीने का मेरे 

नया तौर है 



क्या करूँ ...

बिन तेरे ...

दिन  गुज़रता नहीं 

अब तो आजा 

कि दिल अब 

संभलता नहीं ...

तेरी आदत तो जैसे 

अफ़ीमी सी है 

रात चढ़ती 

बढ़ता नशा और है 

तू जीने का 

नया तौर है



इश्क़ में तेरे 

हो गई मैं नई 

मैं थी क्या 

और क्या हो गई 

सामने तू मेरे 

और तेरे संग मैं 

रच गई बस गई 

तेरे रंग मैं 

दिल है दिल 

दिल के मिलने का ये दौर है 

नया दौर है 

तू ही जीने का मेरे 

नया तौर है


ह्म्म्म अहा 

हम्मम अहा 






No comments: