बादल बूंदे बारिश मैं
ख्वाबों की एक साज़िश मैं
मांगे तुझे दुआ में रब से जो
वो ख्वाहिश मैं गुजारिश मैं
एक सपना सा आंखों में तू
एक अपना सा सांसों में तू
पूरी उमर मुझे जो चाहे तू
वो ख्वाहिश मैं फरमाइश मैं
वो ख्वाहिश मैं गुजारिश मैं
ये दिल है और धड़कन है तू
एक रिश्ता मैं और बंधन है तू
मेरी छुअन है जैसे सोना चांदी
तेरे बदन पे वो अराइश मैं
ख्वाहिश मैं गुजारिश मैं
है जिस्म मेरा पर जान है तू
इस बात से पर अनजान है तू
इस ज़मीन से जो फ़लक तक हो
तेरे प्यार की वो पैमाइश मैं
वो ख्वाहिश मैं गुजारिश मैं
जो मांगा मैंने वादा तू
जो ठाना वो इरादा तू
इस जनम से सातों जन्म की तेरी
कसमों, रस्मों की आजमाइश मैं
वो ख्वाहिश मैं गुजारिश मैं

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