27 April 2026

वो ख्वाहिश मैं फरमाइश मैं





बादल बूंदे बारिश मैं 

ख्वाबों की एक साज़िश मैं 

मांगे तुझे दुआ में रब से जो

वो ख्वाहिश मैं  गुजारिश मैं 



एक सपना सा आंखों में तू

एक अपना सा सांसों में तू 

पूरी  उमर मुझे जो  चाहे तू 

वो ख्वाहिश मैं   फरमाइश मैं 

वो ख्वाहिश मैं  गुजारिश मैं


ये दिल है और  धड़कन है  तू 

एक रिश्ता मैं  और  बंधन  है तू 

मेरी छुअन है जैसे सोना चांदी

तेरे बदन पे  वो अराइश मैं 

ख्वाहिश मैं  गुजारिश मैं


है जिस्म मेरा पर जान है तू 

इस बात से पर अनजान है तू 

इस ज़मीन से जो फ़लक तक हो 

तेरे प्यार की वो पैमाइश मैं 

वो ख्वाहिश मैं  गुजारिश मैं



जो मांगा मैंने  वादा तू 

जो  ठाना वो इरादा तू 

इस जनम से सातों जन्म की तेरी

 कसमों, रस्मों की  आजमाइश मैं 

वो ख्वाहिश मैं  गुजारिश मैं





 

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