संताप हरो माई
पाप हरो .....महारानी
माई.... शारदा भवानी मां
ओ मैया शारदा भवानी मां
त्रिकूट पर्वत जहां भयो थो
सती माता को हार गिरो थो
परबत पे दरबार सजो है
नीचे मैहर गाँव बसों है
तेरे दर्शन से
तेरे सुमिरन से
हर कष्ट मिटे महारानी
माई शारदा भवानी
आल्हा ऊदल थे दो भाई
भक्ति उनकी बरनी न जाई
नित अब भी आल्हा आए
प्रथम फूल माता को चढ़ाए
तेरे वंदन से
तेरे पूजन से
हर कष्ट मिटे महारानी
माई शारदा भवानी
माता तुम सरस्वती स्वरूपा
तुम शक्ति तुम ही अवधूता
बुद्धि ज्ञान विवेक की दाता
भक्तों की तुम जगदंबा माता
तेरे शरणं में
तेरे वर्णन से
हर कष्ट मिटे महारानी
माई शारदा भवानी

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