22 April 2026

मैं शहद सी मीठी

 



तुम कहते हो मैं 

हूं शहद सी मीठी 

मैं इमली सी खट्टी 

और कभी  मैं 

कड़वे नीम की 

थोड़ी  कड़वी कड़वी

मीठी मीठी निबोरी 

 तेरे इश्क़ की धूनी  रोज़ रमाउँ 

 बन के मैं तो अघोरी 



तुम कहते हो 

मैं नकचढ़ी हूं 

नादान हूं थोड़ी

अल्हड़ बड़ी हूं 

कैसे मैं  कह दूं 

हूं शोख मैं  चंचल 

मैं  चुलबुल बुलबुल 

मैं प्रीत नगर के  प्रेम गली की

बांकी बांकी गोरी

 तेरे इश्क़ की धूनी  रोज़ रमाउँ 

 बन के मैं तो अघोरी 


 

तुम कहते हो मैं

तो तितली हूं

खिलती सी कली हूं 

तुझ में घुल जाए जो

वो मिश्री की डली हूं

कैसे मैं कह दूं 

मैं ही कुमुदिनी 

मैं ही चमेली 

भंवरे से मिलने खातिर मैने

लोक लाज सब छोरी 

तेरे इश्क़ की धूनी  रोज़ रमाउँ 

 बन के मैं तो अघोरी 



तुम कहते हो 

मैं प्रेम पताका 

मैं प्रेम की भाषा 

तेरे जीवन की 

मैं ही तो आशा 

कैसे मै कह दूं 

सांसे मृदंग है 

सांसे पतंग है 

बांधी है  सांसों से तेरी

अपनी सांस की डोरी 

 तेरे इश्क़ की धूनी  रोज़ रमाउँ 

 बन के मैं तो अघोरी 

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