ठेठ सा देहाती सैयां
इंग्लिस बोले गड़बड़ गड़बड़
पहन के धोती और एक कोटी
बंदूक चलाये धड़धड़ धड़धड़
रोज उठे अखाड़ा जाये
नदी तालाब में वो नहाए
कांसे की थाली में खावे
लस्सी ग्लास भर गटक वो जाए
स्वैग वाला सैयाँ मेरा
हुक्का पावे गुड़गुड़ गुड़गुड़
शहर की उसको रीत न भावे
पिज़्ज़ा बर्गर वो न खावे
मॉल में वो टशन दिखावे
शहर के छोरे उसे देखे जावे
स्टाइल वाला सैयाँ मेरा
थार चलावे सर सर सर सर
मैं छोरी फ़ैशन की मारी
गई मैं उसपे वारी वारी
सैयाँ वो हो बैठा मेरा
मैं बन बैठी सजनी प्यारी
स्वैग वाला सैया मेरा
अब चैन न पावे पलभर पलभर

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