बैठे थे वो
होके निढाल
सोचा चलो पूछे
उनका भी हाल
चेहरे पे पतझड़
और मन उदास
फीलिंग्स पे उनकी
था आया खरमास
बिखरे थे बाल
बुरे उनके हाल
थे बिल्ली से भीगे
वो माई के लाल
हैरान हो हमने पूछा
हुआ है क्या कोई बवाल?
बिगड़ी सूरत बिगड़ी किस्मत
बिगड़ी क्यों है तुम्हारी चाल?
उम्र उनकी भी
कुछ पैंसठ की थी
तबियत उनकी नये से
किसी कैसेट सी थी
वो बोले... कहे क्या
कुछ odd हुआ है
समझो हम संग
एक फ्रॉड हुआ है
इंस्टा पे
इकरार हुआ है
स्नैपचैट पे
इश्क मोहब्बत प्यार हुआ है
DP में षोडशी
नाजुक कमसिन
हुई शादी को वो
राजी इक दिन
आखिर दिन
मिलन का आया
रजिस्ट्रार ऑफिस में, guys !!
उसने बुलाया
suited booted और
ख़िजाब लगाये
पहुंचे शादी के दफ्तर
गुलाब लगाए
आतुर आंखों ने
दफ़्तर को टटोला
पर नहीं वहां थी
कमसिन सी बाला
अधेड़ वहां पर
एक स्त्री थी बैठी
संग थे उसके
पांच बेटा और बेटी
लपक के फिर वो
मोहतरमा आई
पलकें झुका वो
थोड़ा लजाई
बोली सुनो जी
चलो ब्याह कर ले
इन बालकों को
सनाथ भी कर दे
हक्के बक्के ये
जनाब तो रह गए
सुंदर सपनों के महल
थे, ढह गए
आंखों के आगे
घुप्प अंधेरा छाया
सरपट वो भागे
कोई भूत ज्यों आया
डैडी डैडी की
कुछ आवाजें आई
मोहतरमा पुकारी
दे दे के दुहाई
बच्चों के पप्पा !
अरे ओ हरजाई !
क्या तुझ को मै अब
रास न आई ??
साहब उस दिन से
हैं टूटे टूटे
रहते है खुद से वो
रूठे रूठे
जब किस्सा इनका
सब को सुनाया
हँस हँस के हर कोई
गया पगलाया
बड़े बूढों ने तो
पीटा माथा
ऑनलाइन की
कही जाए न गाथा
... तो सुनो ओ बंधु
सुनो रे साथी
इंटरनेट है
स्कैम फ्रॉड की धाती
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