श्रीमती बोली
अजी सुनते हो
मिश्राइन के घर से
न्योता आया है
टिन्नी के जन्मदिन पे
सपरिवार बुलवाया है
श्रीमान बोले
है बच्चे का जन्मदिन
चुन्नू मुन्नू को
भिजवा दीजे
सौ पचास में
मामला सुलटा लीजे
क्या कहते हो !!
श्रीमती दहाड़ी
दिखाएंगे फिर किसको
अपनी महंगी
बनारसी वो साड़ी !
नेकलेस जो सोने का
मां ने भिजवाया है
खास इसी दिन के लिए तो
मंगवाया है
ले louis vitton का बटुआ
लगा rayban का चश्मा
छिड़क gucci का परफ्यूम
पहन रोलेक्स की घड़ी
पहन बनारसी
लाल पीली वो साड़ी
इतराएंगी हम
निहारेंगी हमको फिर
वूमेनवा निगोड़ी सारी
मिसेज दुबे भी तो
बड़ी इठलाएंगी
गाउन पहिन
जबरन शर्माएंगी!
शर्माइन की तो है
अलग ही माया है
सोचती है रूप उनका सा
न किसी ने पाया
मिसेज झा जो है
पाउडर का डिब्बा
बात करो तो अब्बा
डब्बा छब्बा
कहती हमे वो
सुनिए संध्या जी
कहने को हम है
एक उम्र है जी
आप तो हो
छोटी और मोटी
खाई थी बोलों
किस आटे की रोटी!!
सोसाइटी की महिलाएं
हर वक्त भरती दम है
सुनिए संध्या जी
चारों तरफ बस
हम ही हम है
बस आप ही एक है
जो पानी कम है !!
किस किस की बाते
अब तुमको बताए
कब कब और कितने
कैसे कैसे ज़ख्म है खाए
पहले हमको तुम
सेट डायमंड का बनवा दो
जौहरी से कह के
मूंगा मोती के सेट
भिजवा दो
दो कांजी सिल्क साड़ी
एक पटोला
एक पोचम पल्ली
मंगवा दो
तीन सैंडल
दो नई पश्मीना शॉलें
दिलवा दो
सुनो श्रीमान जी
ये सब दिलाओ
घर में अपने
तब ही प्रवेश पाओ
श्रीमान ये सुन
बस जड़ से हो गए
उनके होश फाख्ता
कौवे तोते उड़ गए
ऐसे तो हम लुट जाएंगे
ये एक था बर्थडे
अभी कितने आयेंगे
क्या हर बार ऐसी
फरमाइश होगी
जेब की अपनी
आजमाइश होगी
कह देते है
जो मिला है उससे
करो निबाह
वरना हम कर लेंगे
दूसरा ब्याह
श्रीमती बोली
अजी जाने दीजे
हम को ये सब
नहीं चाहिए चीजें
आप हमारे
रूप श्रृंगार
आप ही से है
जीवन का सार
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