26 January 2026

भाई तुम खुशियों का खजाना

भाई तुम  खुशियों का खजाना 

आंखों का तारा तुम

खुली आंखों से तुमको देखें 

बंद आंखों में तुम


तुम नन्हे से हम बड़ों की दुनिया में जब आए 

प्यारा प्यारा चेहरा तुम्हारा नन्ही नन्ही बाहें 

तुतलाते हम सब को बुलाते दीदी भैया सुन 

हर अल्फ़ाज़ तुम्हारा हमको

लगे ज्यों मीठी धुन  

 ठुमक के  चलते तो बजते 

घुंघरू रूम  झूम रुम झुम 

तुम ही सबके प्राण समाना 

नैनो  का तारा तुम 

 

 नटखट बाल गोपाल सरीखे कान्हा के तुम साए 

बचपन बीत गया  यौवन  ने  अपने पर फैलाए  

कब दिन बीते रैना बीती पंख लगा पलछिन 

प्यार का तुम तो नाम हो दूजा 

सब है तुममें गुण 

पढ़े लिख के  तुम जज हो गए

ये था एक शगुन 

दूध में मिश्री जैसे  घुलती 

  वो  मिश्री हो  तुम 


हम भाई  बहन के लाड़ले, बच्चों के हमसाएं 

प्यार करो सभी से  तुम   हर कोई तुमको चाहे 

आज सफलता के नभ के  तुम ही हो अरुण 

न्याय को तुमने राह दिखाई 

सदा किया  बस पुण्य 

गाओ न तुम भी हम संग मिल के 

रहो न यूं  गुमसुम 

आओ हम तुम नाचे गाए 

ख्वाबों को ले हम बुन 


लिवा पिता के घर से भाभी को भैया घर जब लाए 

 प्रेम बढ़ा दोनों में ज्यों   चंदा को चातक चाहे 

भाभी तुम कितनी प्यारी तुम सर्व गुण संपन्न 

सब पे इतना स्नेह लुटाया 

महका घर आंगन 

भाभी हम एक  बात कहे 

गर कहा जो मानो तुम 

भैया खातिर  बना जो कोई 

तो वो हो सिर्फ तुम 

तो वो हो सिर्फ तुम 

तो वो हो सिर्फ तुम


तुमदोनों खुशियों का खजाना 

आंखों में बसे हो तुम


बंद आंखों में तुम





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