17 February 2021

ज़िंदगी - एक गीत

 तुम कहो ... जिंदगी 

हम कहे ... बंदगी 

मुस्कुरा दो अगर 

हो रहे रोशनी ....

तुम कहो ...जिंदगी .....


नजरें मिले तो 

रुक रुक ठिठकना 

आंखों ही आंखों में 

दिल का धड़कना 

बन जाने जाने कब ये 

दिल्लगी, दिल की लगी 

जिस्म तो मिल गए है 

रूहें मिली मिली ...


तुम कहो ...जिंदगी ....

No comments: