हमरे शहर में
रोज़ मानते
सुबह शाम सब होली !!
आओ सुनाये
कैसे मानते
वो होली
हमजोली !!
वो सर सर
छूटी पिचकारी
अरे देखो
कहाँ से किसने
किसपे है मारी !
अरे वो देखो
वो ऑटो वाला !
झट से
उसने ऑटो से
मुह निकाला !
अरे वो देखो
वो स्कूटी वाला। ।
आया कहा से वो
ट्रेक्टर वाला
पीछे लिखा था
उसके
बुरी नज़र वाले
तेरा मुँह हो काला !!
वो देखो
उस कार
का खुला दरवाजा
उस साहब ने भी
अपना मुँह निकाला !
अरे हट जा मौसी !
अरे हट जा लाला !
अरे देख ये आई
कैसी बला !
सरर्र सरर्र की
मुँह से
पिचकारी चला
लाल सी
पीक से
सब रंग डाला।
फिर क्या सड़कें
क्या दफ्तर साला
जित देखो
नज़र आये
पीक की
कला
अरे
ऊपर बैठी सरकार !!
सुन लो
करती हूँ गुहार ये सुन लो !
बिनती है
कर दो
इन नास पीटो का
सरेआम मुँह
कोयले सा काला।
रोज़ मानते
सुबह शाम सब होली !!
आओ सुनाये
कैसे मानते
वो होली
हमजोली !!
वो सर सर
छूटी पिचकारी
अरे देखो
कहाँ से किसने
किसपे है मारी !
अरे वो देखो
वो ऑटो वाला !
झट से
उसने ऑटो से
मुह निकाला !
अरे वो देखो
वो स्कूटी वाला। ।
आया कहा से वो
ट्रेक्टर वाला
पीछे लिखा था
उसके
बुरी नज़र वाले
तेरा मुँह हो काला !!
वो देखो
उस कार
का खुला दरवाजा
उस साहब ने भी
अपना मुँह निकाला !
अरे हट जा मौसी !
अरे हट जा लाला !
अरे देख ये आई
कैसी बला !
सरर्र सरर्र की
मुँह से
पिचकारी चला
लाल सी
पीक से
सब रंग डाला।
फिर क्या सड़कें
क्या दफ्तर साला
जित देखो
नज़र आये
पीक की
कला
अरे
ऊपर बैठी सरकार !!
सुन लो
करती हूँ गुहार ये सुन लो !
बिनती है
कर दो
इन नास पीटो का
सरेआम मुँह
कोयले सा काला।
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