10 February 2026

इस रिश्ते की बात अलग है

  



 

मेरा  तुझसे

तेरा मुझसे

इस रिश्ते  की बात अलग है 



कितना मैंने  

तुमको जाना 

जितना जाना 

अपना माना 

वो जो मुझसे 

जुड़ के जुड़ा है 

उस  हिस्से की बात अलग है 



कब सोचा कि

 तुमको पा लूँ 

कब चाहा तुमको 

मैं मना लूं 

चाहे मैं 

छोटा सा किस्सा 

इस किस्से बात अलग है 



धड़कन कब से 

बोल रही है 

आँखे कुछ कुछ 

तोल रही है 

होंठों ने होंठो पे  लिखा कुछ

उस लिक्खे की बात  अलग है 



हिज्र के तो है 

ढाई आखर 

वस्ल में भी 

है ढाई अक्षर 

 हिज्र वस्ल है इश्क़ के हिज्जे 

हर हिज्जे की बात अलग है

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